
गोंडा।गोंडाजिले के मनकापुर कृषि विज्ञान केंद्र में बृहस्पतिवार को सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने औद्यानिक फसलों, फूलों व मसालों की खेती को आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया। वैज्ञानिक डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ यदि किसान बागवानी फसलों, शाकभाजी, फूलों एवं मसालों की वैज्ञानिक ढंग से खेती करें तो कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। फूलों की बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है।
फूलों की खेती से किसानों को पारंपरिक फसलों की तुलना में कम लागत, कम समय और कम ज़मीन में ज़्यादा मुनाफ़ा मिलता है, क्योंकि फूलों की साल भर बाज़ार में मांग त्योहारों, शादियों, सजावट और निर्यात के लिए) रहती है, जिससे प्रति हेक्टेयर ₹1 लाख से ₹4 लाख या उससे ज़्यादा तक की आमदनी संभव है और यह स्वरोज़गार के अवसर भी प्रदान करती है।