इंडियन नर्सरीमेन एसोसिएशन के प्रकृति उत्सव में पर्यावरण प्रेमियों का जमावड़ा

    13-Feb-2026
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नई दिल्ली। इंडियन नर्सरीमेन एसोसिएशन ने 12 फरवरी को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 'प्रकृति उत्सव' का शानदार आयोजन किया। यह आयोजन नर्सरी उद्योग के पेशेवरों, पर्यावरणविदों और नीति निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, जहां शहरी हरितीकरण, पेड़ संरक्षण और सस्टेनेबल नर्सरी प्रबंधन पर गहन चर्चाएं हुईं। देशभर से सैकड़ों नर्सरीमैन ने हिस्सा लिया, जो भारत में फ्लोरिकल्चर और लैंडस्केपिंग की बढ़ती चुनौतियों पर एकजुट हुए।

मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए रमेश पोखरियाल 'निशंक'

मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में भावुक होकर कहा, "जो लोग प्रकृति के करीब होते हैं, वे स्वाभाविक रूप से सीधे-सादे और सरल होते हैं। प्रकृति ही हमारा सच्चा गुरु है।" उनके शब्दों ने मंच पर मौजूद सभी को काफी प्रभावित किया।

पर्यावरण प्रेमियों ने INA की सराहना की

पूर्व सांसद केसी त्यागी ने एसोसिएशन के योगदान की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "इंडियन नर्सरीमेन एसोसिएशन जो काम कर रही है, वह न केवल सराहनीय है बल्कि देश के पर्यावरण संरक्षण के लिए अनिवार्य भी है। इनके प्रयासों से लाखों पौधे सड़कों, पार्कों और शहरों में पहुंच रहे हैं।" पर्यावरण विशेषज्ञ सुनीता नारायण की उपस्थिति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया। उन्होंने पेड़ों के संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए अपील की, "हर व्यक्ति को कम से कम एक नया पौधा लगाना चाहिए। यह छोटा कदम जलवायु परिवर्तन के खिलाफ बड़ा हथियार बनेगा। आईएनए के अध्यक्ष वाईपी सिंह स्वास्थ्य संबंधी कारणों से अनुपस्थित रहे, इसलिए वाइस प्रेसिडेंट नबा कुमार दास उनकी जगह मंच पर मौजूद रहे। देश के हर राज्य से नर्सरी सेक्टर के प्रतिनिधि पहुंचे, जिनमें उत्तर प्रदेश चैप्टर के प्रमुख् रफीक खान, असम चैप्टर प्रमुख, रूबुल हसन, पंजाब चैप्टर प्रमुख इंद्रजीत सिंह, पश्चिम बंगाल चैप्टर प्रमुख नबा कुमार दास एवं गोबीनाथ बैग, मध्य प्रदेश चैप्टर प्रमुख प्रमोद भार्गव, तमिलनाडू चैप्टर प्रमुख प्रतीश राजा, हरियाणा चैप्टर प्रमुख डॉ अशोक यादव, गुजरात चैप्टर प्रमुख कामराज चौधरी, बिहार चैप्टर प्रमुख एके मणि और आंध्र प्रदेश चैप्टर प्रमुख संजीव रेड्डी आदि मौजूद रहे।

वित्तीय वर्ष 2024-25 का विस्तृत लेखा-जोखा पेश


कार्यक्रम में मंच संचालन आईएनए के जनरल सेक्रेटरी मुकुल त्यागी ने बखूबी निभाई। लंबे समय से एसोसिएशन से जुड़े मुकुल त्यागी ने पिछले कई वर्षों में सदस्यता विस्तार, नीति पैरवी और पर्यावरण जागरूकता अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाई है। उनकी कुशल अगुवाई की वजह से ही प्रकृति उत्सव जैसा बड़ा आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो पाया। कार्यक्रम में आए हुए लोग उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण और टीम स्पिरिट के लिए हमेशा याद रखेंगे।ट्रेजरर मुकेश शर्मा के परिश्रम की जितनी सराहना हो, कम है। उन्होंने सभी प्रमुख अतिथियों का व्यक्तिगत स्वागत किया, लॉजिस्टिक्स का इंतजाम संभाला और पूरे आयोजन को सहज बनाया। लंच सत्र के बाद आईएनए की एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) आयोजित हुई, जिसमें सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई। मुकेश शर्मा ने वित्तीय वर्ष 2024-25 का विस्तृत लेखा-जोखा पेश किया, जिसमें एसोसिएशन की आय-व्यय, सदस्यता वृद्धि और परियोजनाओं की प्रगति पर प्रकाश डाला गया।

पर्यावरण क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिला सम्मान

कार्यक्रम हाइलाइट रहा पर्यावरण क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 13 प्रमुख एनजीओ को सम्मानित करना। इन संगठनों को प्रमाण-पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए, जो उनके ग्रामीण वनीकरण, जल संरक्षण और जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को मान्यता देता है। प्रमुख उपस्थित सदस्यों में गालिब खान, कमभम किशोर कुमार रेड्डी, इंदूरी चंद्रा मोहन, विकास महाजन, मेरठ मंडल चैप्टर प्रमुख आरिफ खान, कायमगंज मंडल चैप्टर प्रमुख् कश्मीर सिंह, अमरोहा मंडल चैप्टर प्रमुख् खालिद, सहारनपुर मंडल चैप्टर प्रमुख् खालिद खान एवं विभिन्न राज्य चैप्टर्स के प्रतिनिधि और उद्योग विशेषज्ञ शामिल रहे।यह आयोजन न केवल नेटवर्किंग का केंद्र बना, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए नीतिगत सुझावों पर भी विचार-विमर्श हुआ। आईएनए ने घोषणा की कि अगले उत्सव में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए अधिक व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रकृति उत्सव ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सामूहिक प्रयासों से भारत को हरित राष्ट्र बनाने का सपना साकार हो सकता है।