नई दिल्ली।अंजीर का नाम सुनते ही लोगों को लगता है की इसकी खेती अफगानिस्तान, तुर्की और ईरान में होती है, लेकिन ऐसी बात नहीं है। महाराष्ट्र में भी किसान अंजीर की बड़े स्तर पर बागवानी करते हैं। दरअसल, महाराष्ट्र के पुरंदर तहसील को अंजीर उत्पादन के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि पुरंदर की अंजीर को जीआई टैग भी मिला है। इसके बाद से यूरोपीय देशों में इसकी मांग बढ़ गई है।
ठंड के कारण अंजीर की फसल बर्बाद
हालांकि इस साल अंजीर की उत्पादन करने वाले बागवानों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दो महीनों में लगातार ठंड के कारण फलों का आकार, वजन और कुल पैदावार प्रभावित हुई है।
अंजीर उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है यह गांव
अंजीर की उत्पादन करने वाले किसान बताते है कि पुरंदर तहसील अंजीर उत्पादन करने वालों के लिए प्रसिद्ध है। इसलिए उत्पादन में कोई भी गिरावट सीधे ग्रामीण आय और बाजार स्थिरता को प्रभावित करती है। जाधववाड़ी स्थित फिग और कस्टर्ड एप्पल रिसर्च सेंटर के वैज्ञानिकों के अनुसार, फल के विकास के अहम चरण में न्यूनतम तापमान लगातार गिरने से फसल की सामान्य वृद्धि चक्र प्रभावित होता है।