पटना। किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार विदेशी फलों की खेती को तेजी से प्रोत्साहित कर रही है। विशेष रूप से स्ट्रॉबेरी एवं ड्रैगन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलें छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए कम समय में अधिक आय का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही हैं। इन फसलों की बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने इनके योजनाबद्ध विस्तार का लक्ष्य निर्धारित किया है।
स्ट्रॉबेरी विकास योजना के अंतर्गत सहायता
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बताया कि “स्ट्रॉबेरी विकास योजना” के अंतर्गत किसानों को प्रति हेक्टेयर 3,02,400 रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है, जो कुल इकाई लागत का 40 प्रतिशत है। स्ट्रॉबेरी अल्पावधि में तैयार होने वाली फसल है, जिससे किसानों को शीघ्र आय प्राप्त होती है।
हर परिवार को बागवानी से जुड़ने का प्रयास करना होगा
इन उच्च पोषण मूल्य वाले फलों के उत्पादन से ग्रामीण परिवारों की पोषण सुरक्षा मजबूत होगी। इच्छुक किसान, किसान समूह या महिला स्वयं सहायता समूह अपने प्रखंड या जिला उद्यान कार्यालय अथवा कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर योजना की पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।