नैनीताल।उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर में एक दंपति ने मिशाल कायम किया है। किसान परिवार से जुड़े जगदीप सिंह और उनकी पत्नी काजल चीमा ने विदेश में बसने का मौका ठुकराकर अपने गांव की मिट्टी को चुना। ऑस्ट्रेलिया जाने का पारिवारिक दबाव होने के बावजूद उन्होंने भारत में रहकर खेती को व्यवसाय बनाने का फैसला किया और आज ‘एप्पल बेर’ की बागवानी से सफलता हासिल किया है।
ऑस्ट्रेलिया की नौकरी ठुकरा दी
रामनगर निवासी जगदीप सिंह अपने दो भाइयों में सबसे छोटे हैं। उनके बड़े भाई प्रदीप सिंह ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं और वहीं उनका परिवार भी बस चुका है।परिवार चाहता था कि जगदीप भी अपने बच्चों के साथ ऑस्ट्रेलिया शिफ्ट होकर बेहतर सुविधाओं वाला जीवन अपनाएं। लेकिन जगदीप और उनकी पत्नी काजल ने अलग रास्ता चुना। उन्होंने तय किया कि वे अपना देश नहीं छोड़ेंगे और यहीं रहकर फलों की बागवानी करेंगे।
पत्ती पत्नी मिलकर करते है एप्पल बेर की बागवानी
करीब पांच साल पहले चीमा दंपति ने पारंपरिक खेती से हटकर कुछ नया करने का सोचा। खोजबीन के दौरान उन्हें एप्पल बेर की बागवानी करने का मन बना। बता दें कि गुजरात, राजस्थान जैसे गर्म प्रदेशों में एप्पल बेर की बागवानी की जाती है। कई समस्या के बाद भी उन्होंने पंतनगर-रुद्रपुर क्षेत्र से पौधे मंगवाए और अपनी दो एकड़ जमीन पर लगभग 250 पौधे लगा दिए। शुरुआत में यह एक प्रयोग था, लेकिन मेहनत और निरंतर देखभाल ने इसे सफल व्यवसाय में बदल दिया।