देहरादून।उत्तराखंड के चार जिलों टिहरी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ व नैनीताल जिलों के 16 ब्लाकों में चयनित चार हजार से ज्यादा किसान अब बागवानी से आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखेंगे। इसका माध्यम बनेगी, जापान सरकार की एजेंसी जायका से वित्त पोषित 526 करोड़ रुपये की लागत वाली उत्तराखंड एकीकृत बागवानी विकास योजना, जो अब धरातल पर उतर रही है। इसके तहत चयनित ब्लाकों में सेब, कीवी, अखरोट, टमाटर, आड़ू, आलू, नींबू समेत अन्य औद्यानिकी फसलों के क्लस्टर विकसित करने के दृष्टिगत पौधारोपण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
2030 तक चलेगी यह योजना
उत्तराखंड एकीकृत बागवानी विकास योजना वर्ष 2022-23 में स्वीकृत हुई थी। यह वर्ष 2029-30 तक चलनी है। नियमानुसार पहले दो वर्ष में प्रशिक्षण, आधारभूत ढांचा समेत अन्य कदम उठाए जाते हैं। इस लिहाज से यह योजना पिछले वर्ष प्रारंभ होनी थी, लेकिन किसान उत्पादक समूहों के गठन समेत अन्य कार्यों में वक्त लग गया।