नई दिल्ली।इंडियन नर्सरीमेन एसोसिएशन और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की ने समझौता ज्ञापन एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनका उद्देश्य हैं, नर्सरी व्यवसाय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को विकसित करना और गुणवत्तापूर्ण पौध नर्सरियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आईओटी-सक्षम स्वचालन समाधान विकसित करना है। इंडियन नर्सरीमेन एसोसिएश और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के इस समझौता से भारत में नर्सरी क्षेत्र, कृषि, बागवानी, वानिकी, जलवायु परिवर्तन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा मिलेगा।
क्या है एमओयू समझौता
आईआईटी रुड़की और इंडियन नर्सरीमेन एसोसिएशन के एमओयू समझौता से नर्सरी और बागवानी क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विकास होगा। इससे बागवानी और फ्लोरीकल्चर उत्पादों से संबंधित क्षेत्र में तकनीक, जैविक नवाचारों तथा डेटा सेंसर आधारित तकनीकों को पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किया जाएगा।
ये सभी प्रतिनिधी हुए शामिल
आईआईटी रुड़की और इंडियन नर्सरीमेन एसोसिएश के एमओयू समझौता के दौरान इंडियन नर्सरीमेन एसोसिएशन के महासचिव मुकुल त्यागी, ट्रेजरर मुकेश शर्मा, सहसचिव गालिब खान, नर्सरी टुडे के एडिटर-इन-चीफ महर- ए -आलम खान वहीं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की की ओर से एसोसिएट डीन प्रोफेसर साई रामडु मेका, सीएसआरडी हेड प्रोफेसर आशिष पांडेय, प्रोफेसर बसंत यादव, प्रोफेसर कृतिका कोठारी और प्रोफेसर कपिल जोशी शामिल हुए।
समझौता के प्रमुख उदेश्य
गुणवत्तापूर्ण पौध नर्सरियों के लिए एआई और आईओटी-सक्षम स्वचालन समाधान विकसित करना।
सिंचाई, उर्वरक, जलवायु नियंत्रण और पौध स्वास्थ्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके पूर्वानुमानित और निर्देशात्मक निर्णय लेने में सक्षम बनाना।
जल, ऊर्जा, पोषक तत्वों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को अनुकूलित करना।
पौधों की गुणवत्ता, वृद्धि, एकरूपता, उत्तरजीविता, वृद्धि दर और उत्पादकता में सुधार करना।
डेटा आधारित नर्सरी प्रबंधन प्लेटफॉर्म और डैशबोर्ड विकसित होगा
यह संरेखण सतत कृषि, जलवायु कार्रवाई और डिजिटल परिवर्तन पर राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ आता है