दूधिया मालदा आम को मिलेगी GI टैग

    20-Feb-2026
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पटना।गर्मियों में बाजार में रंग-बिरंगे और रसीले आम की रौनक आ जाती है। लेकिन बिहार के आम की पहचान अलग ही है। बिहार की राजधानी पटना का दीघा क्षेत्र एक खास किस्म के आम के लिए विख्यात है। एक आम 'दूधिया मालदा' है, हालांकि इस समय के साथ इसका क्षेत्र काफी कम होकर करीब सिमट ही चुका है। इसके संरक्षण और विस्तार को लेकर जीआई टैग दिलाने की तैयारी की जा रही है। कृषि विश्वविद्यालय सबौर की मीठापुर स्थित शाखा जिसे कृषि अनुसंधान संस्थान मीठापुर के नाम से भी जानते हैं, इस प्रयास का नेतृत्व कर रहा है।

लुप्त के कगार पर दूधिया मालदा

दूधिया मालदा अपने स्वाद के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इस किस्म की आम के बागान खत्म होने के कगार पर है। कई बड़े-बड़े बागान थे। वहीं पटना और आसपास के इलाकों में शहरीकरण होने और जमीन की कीमत में इजाफा होने के कारण दूधिया मालदा अपने उत्पादक क्षेत्र में सिमटती चली गई।

50 हजार पौधे हो रहा है तैयार

दूधिया मालदा के पौधा मीठापुर कृषि अनुसंधान संस्थान में तैयार किया जा रहा है। संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि दीघा के दूधिया मालदा की 50 हजार पौधा संस्थान द्वारा तैयार करने का लक्ष्य है, जिसमें से 25 हजार पौधे तैयार हो चुके हैं, जबकि अगले डेढ़ दो महीने में 25 हजार दीघा दूधिया मालदा के पौधे तैयार हो जाएंगे।