जबलपुर।मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के किसान अब धान-गेंहू जैसी पारंपरिक खेती को छोड़कर फूलों की खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। खासतौर पर गुलाब और गेंदे की खेती किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफे का सौदा साबित हो रही है। खंडवा जिले के कई किसान अब फूलों की खेती कर रहे है।
नई वैरायटी के फूलों की खेती
खंडवा जिले के किसान अब गेंदा,गुलाब, पूसा दीप, फ्रेंच गेंदा और अफ्रीकी गेंदा की खेती करते है। जैसी नई वैरायटी की खेती की जा रही है। इन फूलों की डिमांड स्थानीय बाजार के साथ-साथ इंदौर, भोपाल और अन्य बड़े शहरों में भी है।
जिले के किसानों को बेहतर कमाई
खंडवा जिले के फूलों की खेती करने वाले किसानों के अनुसार सभी परंपरागत खेती से हटकर फूलों की खेती करने लगे है। किसानों की खेत में तैयार फूलों को प्रदेश के बड़े शहरों भोपाल, इंदौर तक भेजे जाते है। गुलाब का थोक भाव 40 रुपये प्रति किलो है। जिससे किसानों को अच्छी आय हो रही है।
फूलों की खेती से कम लागत और ज्यादा मुनाफा
गेंदा और गुलाब की खेती में कम लागत लगती है, और बेहतर कमाई होती है। गेंदा की फूल कम समय में ही तैयार हो जाती है। पूरे साल पुजा-पाठ और समारोह में इसकी मांग रहती है। एक हेक्टेयर में खेती करने पर किसान 100 से 150 क्विंटल तक फूल प्राप्त कर सकते हैं।