
नई दिल्ली।आज के बदलते समय में शहरों से बढ़ती टेरेस गार्डनिंग ने लोगों की सोच बदल दी है। पहले लोग टमाटर, धनिया जैसी सब्जियों को गमले में उगाते थे। वहीं अब लोग फलदार पौधों को लगाने लगे है। इसी कड़ी में चीकू की एक खास किस्म ने लोगों का ध्यान खींचा है। जिससे अब बिना छत या बागकनी में उगाया किन्नू को उगाया जा सकता है।
गमले में आसानी से उगाया जा सकता है चीकू
चीकू का बड़े पेड़ के रूप में जाना जाता है, लेकिन नई तकनीकों और ग्राफ्टेड पौधों की मदद से इसे सीमित जगह में भी सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है। गमले में उगाया गया चीकू न केवल घर की हरियाली बढ़ाता है, बल्कि ताजा और शुद्ध फल भी देता है।
सही गमले का करें चुनाव
अगर आप गमले में चीकू उगाना चाहते हैं तो सबसे पहले बड़े आकार का गमला चुनना जरूरी है। कम से कम 22 से 24 इंच चौड़ा और गहरा गमला उपयुक्त माना जाता है। गमले में नीचे पानी निकलने के लिए छेद होना चाहिए, ताकि जड़ों में पानी जमा न हो। पानी का ठहराव जड़ों को सड़ा सकता है।
मिट्टी को मिश्रण बनाएं
गमले में चीकू लगाने के लिए मिट्टी को भुरभुरी और पोषक तत्वों से भरपूर बनाना जरूरी है। इसके लिए 50 प्रतिशत सामान्य मिट्टी, 30 से 40 प्रतिशत अच्छी तरह सड़ी गोबर खाद या वर्मी कम्पोस्ट और थोड़ी मात्रा में रेत या कोकोपीट मिलाना बेहतर रहता है।
धूप का रखे ध्यान
चीकू का पौधा धूप पसंद करता है। इसे रोज कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप मिलनी चाहिए। इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त रोशनी आती हो। छाया में रखने से पौधे की बढ़वार धीमी हो सकती है और फल कम लगते हैं। बालकनी या छत पर ऐसी जगह चुनें जहां तेज हवा से पौधा गिर न सके।