सेब आयात शुल्क घटाने से बागवान संकट में, कांग्रेस ने लगाया आरोप

    04-Feb-2026
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शिमला। केंद्र सरकार ने हाल ही में किए गए मुक्त व्यापार समझौतों के तहत सेब पर आयात शुल्क घटाने के फैसले से हिमाचल प्रदेश के बागवानों में भारी नाराजगी है। इस फैसले से हिमाचल प्रदेश के बागवान काफी नाराज है।इससे बागवानों की आर्थिकी पर संकट खड़ा हो गया है। किन्नौर जिले के  जिला युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष वेद प्रकाश ने जारी बयान में ये बाते कही।उन्होंने इस निर्णय पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश के बागवानों की आर्थिकी पर एक सीधा प्रहार करार दिया है।

हिमाचल के सेब बागवानों की अनदेखी का आरोप

कांग्रेस का मानना है कि केंद्र सरकार ने हिमाचल के हितों की अनदेखी की है। न्यूजीलैंड के साथ समझौता कर सेब पर आयात शुल्क को 50 से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया है। यूरोपीय संघ के साथ समझौते से शुल्क में और भी भारी कटौती करते हुए इसे 50 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत पर लाया है। वेद प्रकाश के अनुसार विदेशों से सस्ता सेब भारतीय बाजारों में पहुंचने से हिमाचल के उच्च गुणवत्ता वाले सेब को उचित दाम मिलना मुश्किल हो जाएगा।

हिमाचल प्रदेश में बड़े पैमाने पर सेब की खेती

हिमाचल प्रदेश सेब का उत्पादन करने में दूसरा सबसे बड़ा राज्य है, जहाँ बागवानी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। यहाँ के कुल फल उत्पादन का लगभग 85% हिस्सा सिर्फ सेब है, जिसका उत्पादन मुख्य रूप से शिमला, कुल्लू, किन्नौर, मंडी, चंबा और सोलन जिलों में होता है।