नई दिल्ली।आज के बदलते समय में किसान विभिन्य तरीके की बागवानी कर रहे है। पपीते की बागवानी से बागवान बेहतर कमाई कर रहे है। जिसकी मांग सालभर बनी रहती है। अगर बागवान सही किस्म का चुनाव करें तो पपीते की खेती बेहतर कमाई का साधन बन सकता है।
पपीता की खेती बागवानों की पसंद
पपीते की बागवानी से करना बेहद आसान माना जाता है। जिसे तैयार करने में ज्यादा समय नहीं लगता रोपाई के 7–8 महीने बाद ही फल बाजार में आने लगते हैं। पपीता सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसलिए शहरों से लेकर गांवों तक इसकी खपत लगातार बनी रहती है. होटल, जूस सेंटर, फल मंडी और प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में इसकी अच्छी मांग रहती है।
रेड लेडी 786 पपीते की सबसे बेहतर वैरायटी
रेड लेडी 786 पपीते की सबसे बेहतर वैरायटी मानी जाती है। यह एक हाईब्रिड वैरायटी है, जो अपने बेहतरीन उत्पादन और क्वालिटी के लिए जानी जाती है। इस किस्म के फल आकार में बड़े, वजन में भारी और देखने में आकर्षक होते हैं।