
पटना।सीतामढ़ी जिले के बथनाहा प्रखंड में सास–बहू की एक जोड़ी इन दिनों ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई पहचान बन चुकी है। फूलों की खेती के जरिए इस परिवार ने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है। सास के अनुभव और बहू की मेहनत ने मिलकर ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिससे यह साबित होता है कि यदि परिवार मिलकर काम करे तो खेती भी लाभ का बड़ा साधन बन सकती है। जीविका से जुड़कर शुरू किया गया यह प्रयास आज सालाना 4 से 5 लाख रुपये की आमदनी दे रहा है।
फूलों की खेती से बेहतर कमाई
इस परिवार ने जीविका समूह से जुड़कर फूलों की खेती की शुरुआत की। सास–बहू ने मिलकर सीमित जमीन पर आधुनिक तरीके से फूलों की खेती शुरू की, जिसका परिणाम धीरे-धीरे सामने आने लगा। बाजार में फूलों की लगातार मांग और सही समय पर बिक्री से आमदनी तेजी से बढ़ी। फूलों की खेती से होने वाली कमाई ने घर की आर्थिक परेशानियों को काफी हद तक खत्म कर दिया। अब यह खेती परिवार की आय का मजबूत आधार बन चुकी है और आसपास के गांवों में भी इसकी चर्चा हो रही है।