
भोपाल।मध्य प्रदेश में उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के सहयोग से किसान अब पारंपरिक फसलों को छोड़कर फूलों की खेती की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे उन्हें कई गुना अधिक लाभ हो रहा है। रायसेन जिले में भी फूलों की खेती किसानों के लिए लाभकारी व्यवसाय बनकर उभरी है, जिससे वे पारंपरिक फसलों की तुलना में कई गुना अधिक लाभ कमा रहे हैं।
पारम्परिक फसलों की खेती छोड़ की फूलों की खेती
रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज विकासखण्ड के ग्राम गुदावल के किसान राजकुमार अहिरवार भी उन प्रगतिशील किसानों में शामिल हैं जिन्होंने पारम्परिक फसल गेहूं/चना, सोयाबीन की खेती को छोड़कर फूलों की खेती करना शुरू किया और कहीं अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। किसान राजकुमार अहिरवार के अनुसार वह पारम्परिक फसलों की खेती करते थे, जिससे उन्हें बहुत कम लाभ होता था।
अनेक तरह के फूलों की करते है खेती
किसान राजकुमार अहिरवार लाल, पीले, गुलाबी और नारंगी रंग के जरबेरा फूलों का उत्पादन ले रहे हैं। उनके द्वारा प्रतिदिन 400 से 500 फूलों की कटिंग की जाती है जिसे वह भोपाल में फूलों की मंडी में विक्रय करते हैं। किसान राजकुमार द्वारा प्रति वर्ष लगभग आठ लाख रुपये के जरबेरा फूलों का विक्रय किया जाता है