जानिए ट्रेड डील में किन-किन फलों को दी गई राहत

    07-Feb-2026
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नई दिल्ली।भारत और अमेरिका के बीच हुआ अंतरिम व्यापार समझौता देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। इस समझौते से जहां भारतीय उद्योगों और निर्यातकों के लिए नए बाजार खुलने की उम्मीद है, वहीं सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि खेती-किसानी और ग्रामीण आजीविका के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होगा।

किसानों के हित सर्वोपरि

भारत की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है।यह करोड़ों परिवारों के जीवन का आधार है। छोटे और सीमांत किसान देश की खेती की रीढ़ हैं। अगर विदेशी कृषि उत्पाद बिना शुल्क के बाजार में आ जाएं, तो सबसे ज्यादा नुकसान इन्हीं किसानों को होता है। सरकार ने इस खतरे को समझते हुए व्यापार समझौते में स्पष्ट रुख अपनाया और कई अहम कृषि उत्पादों पर आयात छूट नहीं दी।

फल और सब्जियों की खेती को मिला संरक्षण

सब्जियों की श्रेणी में आलू, मटर, खीरा, घेरकिन्स, मशरूम और बीन्स जैसी फसलों को पूरी सुरक्षा दी गई है।इसके अलावा खीरा और मशरूम  जैसी अस्थायी रूप से संरक्षित सब्जियां और मिश्रित डिब्बाबंद सब्जियों को भी सुरक्षित रखा गया है। वहीं फलों में केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, आम और नारियल को सुरक्षित किया गया है। ये फल-सब्जियां देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़े पैमाने पर उगाई जाती हैं और लाखों किसानों की आमदनी का जरिया हैं। चाहे ये सब्जियां ताजी हों या फ्रोजन और संरक्षित रूप में, सरकार ने इनके आयात पर कोई रियायत नहीं दी है।