
नई दिल्ली। केंद्र सरकार बहुत जल्द नयी बीज बिधेयक लाने की तैयारी कर चुकी है। इसी बजट सत्र में इस बिल को पारित करा लेना है। इल बिल को लेकर पूरे देश में चर्चा है। इस बिल को लेकर नफा नुकसान पर बहस हो रही है। पक्ष और विपक्ष की बाते सामने आ रही हैं।
जाने कृषि विशेषज्ञ की राय
कृषि अर्थ अर्थव्यवस्था के विषय विशेषज्ञ और कृषि पर सुप्रीम कोर्ट में हाई पावर कमेटी के सदस्य रंजीत सिंह घुमन ने अपनी राय रखी है। घुमन के अनुसार केंद्र सरकार जो सीड बिल 2025 ला रही है, वह 1966 के सीड बिल की जगह लेगा। इस विधेयक से किसानों को फायदा होगा।
पुराने बीज कानून की जगह लेगा नया सीड बिल
यह नया बीज विधेयक पुराने 1966 के बीज अधिनियम की जगह लेने वाला है। यह नया कानून रेगुलेशन और पारंपरिक खेती के तरीकों की सुरक्षा पर फोकस करते हुए नई तकनीकी और प्रशासनिक जरूरतों को पूरा करता है।
नया बीज विधेयक में सजा
का प्रवधान
बीज विधेयक 2025/2026 नकली, घटिया या बिना पंजीकृत बीज बेचने वालों के लिए अत्यंत कठोर सजा और जुर्माने का प्रस्ताव करता है। इस प्रस्तावित कानून के तहत गंभीर अपराधों के लिए ₹30 लाख तक का जुर्माना और 3 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।