
मुंबई।जैसे ही महाराष्ट्र की कृषि-बागवानी की बात होती है तो प्याज और अंगूर की तस्वीर सामने आने लगती है। लोगों को लगता है कि यहां पर केवल प्याज और अंगूर की ही खेती होती है, लेकिन ऐसी बात नहीं है। यहां पर किसान बड़े स्तर पर केले की भी खेती करते हैं। यहां से केले की सप्लाई विदेशों तक में होती है। ऐसे तो पूरे महाराष्ट्र में किसान केले की खेती करते हैं, लेकिन जलगांव केले की बात ही अलग है। इसे जीआई टैग मिला हुआ है।
जलगांव केला उत्पादक शहर
जलगांव केला को साल 2016 में GI टैग मिला। यह महाराष्ट्र की एक खास और पौष्टिक केले की किस्म है। यह राज्य के कुल उत्पादन का लगभग दो-तिहाई हिस्सा देता है। जलागांव को ‘भारत का केला शहर’ कहा जाता है। ऐसे जलगांव दुनिया का सातवां सबसे बड़ा केला उत्पादक केंद्र है
आंधी-तुफान से नुकसान
जलगांव में 75,000 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में केले की बागवानी होती है। लेकिन इन बागानों के पीछे किसानों की चिंता हमेशा बनी रहती है। फरवरी से जून तक हर साल तेज हवाएं और तूफान आते हैं, जो बागानों को नुकसान पहुंचाते हैं और किसानों की मेहनत को खतरे में डाल देते हैं।