जम्मू।जम्मू कश्मीर के जम्मू जिले के ज्यौड़ियां कस्बे के वार्ड-5 में शनिवार को फ्लोरीकल्चर विभाग ने जागरूकता शिविर लगाया। इसमें किसानों को फूलों की खेती कर भविष्य संवारने के लिए प्रेरित किया गया। विभाग के उपनिदेशक सुनील सिंह मुख्य अतिथि रहे। किसानों को फ्लोरीकल्चर से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने किसानों को फूलों की खेती से होने वाले लाभ, आधुनिक तकनीकों और सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी योजनाओं के बारे में जागरूक किया।
जम्मू-कश्मीर में फूलों की खेती
जम्मू-कश्मीर में फूलों की खेती प्रसिद्ध है। एक प्रमुख और तेजी से बढ़ता हुआ व्यवसाय है। अनुकूल जलवायु के कारण यहाँ ट्यूलिप, लिली, गुलाब, गेंदा और कार्नेशन जैसे फूलों की बड़े पैमाने पर खेती होती है, जिससे किसानों की आय में काफी वृद्धि हुई है।
जम्मू और कश्मीर की जलवायु फूलों की खेती के लिए उपयुक्त
जम्मू और कश्मीर में भारत का सबसे रंगीन क्षेत्र माना जाता है। यह प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण है और यहाँ विभिन्न प्रकार के फूलों के लिए विविध कृषि-जलवायु और पारिस्थितिक परिस्थितियाँ मौजूद हैं।