सोलन।हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के फ्लोरीकल्चर एवं लैंडस्केपिंग विभाग की ओर से सोमवार को ट्यूलिप एवं ऑर्किड महोत्सव सह पुष्प प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से प्रायोजित इस कार्यक्रम में ट्यूलिप और ऑर्किड की सुंदरता के साथ-साथ उनके व्यावसायिक महत्व पर भी मंथन किया गया।
ट्यूलिप्स की सुंदरता नामक पुस्तिका का विमोचन
ट्यूलिप एवं ऑर्किड महोत्सव सह पुष्प प्रदर्शनी में मुख्य अतिथि के रुप में उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने शिरकत की और प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे महोत्सव विज्ञान, शिक्षा और किसानों के बीच की दूरी को कम करने में सेतु का काम करते हैं। इस अवसर पर उन्होंने नेटिव ऑर्नामेंटल्स टेबल कैलेंडर और ट्यूलिप्स की सुंदरता नामक पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया।
29 किस्मों के ट्यूलिप लगाए गए है
विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. देविना वैद्य ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल के हिमालयी क्षेत्र में फ्लोरीकल्चर के विकास की अपार संभावनाएं हैं। ट्यूलिप और ऑर्किड जैसी उच्च मूल्य वाली फसलें किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं। विश्वविद्यालय पिछले एक दशक से ट्यूलिप पर शोध कर रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में 29 किस्मों के 4,000 से अधिक बल्ब लगाए गए हैं।