
पटना। बिहार के छपरा जिले के एक किसान खुद से बोनसाई पौधा तैयार करते है। हम बात कर रहे हैं जिले के दिघवारा प्रखंड अंतर्गत आमी गांव निवासी नरेंद्र सिंह की, जो फूल बगीचा लगाने के साथ-साथ बोनसाई पौधा भी तैयार करते हैं। नरेंद्र सिंह बरगद, पीपल और पकड़ी के बोनसाई पौधे तैयार करते हैं। मार्केट में इनकी कीमत काफी ज्यादा लगती है।
कैसे होता है बोनसाई पौधा तैयार
नरेंद्र सिंह फूल पौधा लगाने का काफी शौक रखते हैं। उनके घर पर 100 वैरायटी से अधिक फूल के पौधे हैं। फूल सफाई करने के दौरान उन्हें बरगद पीपल और पकड़ी के छोटे पौधे दिखाई दिए। इसे इन्होंने 19 वर्ष पहले गमले में लगा दिया।
पीपल के बोनसाई 19 वर्ष है पुराना
नरेंद्र सिंह बताते है कि उनके बोनसाई पीपल में तो पूजा करने के लिए पूरे मोहल्ले के लोग आते हैं। अब पौधे में फलन भी बड़े पौधों की तरह आता है। यह पौधा मार्केट में काफी ज्यादा कीमत पर मिलता है। इसे खरीद कर लोग शौक से अपने घर और छत पर रखते हैं।
क्या है बोनसाई
बोनसाईएक जापानी शब्द है जिसका अर्थ है गमले में लगाया गया पौधा, यह कला प्राचीन चीनी बागवानी पद्धति से उत्पन्न हुई है, जिसका कुछ भाग बाद में जापानी ज़ेन बौद्ध धर्म के प्रभाव में विकसित हुआ।