फ्लावर किंग’ बने बालाघाट के महेश, जैविक खेती से डेढ़ लाख का मुनाफा

    11-Mar-2026
Total Views |


बालाघाट।आज के बदलते समय में किसान पराम्परागत खेती को छोड़कर विभिन्य प्रकार की खेती कर सकते है। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के हीरापुर से है। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मदद से फूलों की खेती शुरू की और अब वह बड़े पैमाने पर फूलों की खेती कर रहे हैं। इससे उन्होंने आमदनी को लगभग दोगुना किया है।

यह किसान फ्लावर किंग के नाम से प्रसिद्ध

पहले बालाघाट के किसान महेश धान की खेती से 70 हजार रुपए कमा रहे थे। अब वह उसी खेत से फूलों की खेती से करीब डेढ़ लाख रुपए का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। पूरे क्षेत्र में महेश को फ्लावर किंग के नाम से जाना जाता है।

शुरुआत सिर्फ आधा एकड़ से

बालाघाट से महज पांच किलोमीटर दूर हीरापुर गांव के रहने वाले महेश पांचे का भरा पूरा परिवार है। वह शुरुआत से ही खेती किया करते है। पहले वह धान के अलावा सब्जियों की खेती करते थे। इसकी मदद से महज वह सिर्फ अपनी जीविका चला रहे थे। लेकिन उनके संपर्क में उद्यानिकी विभाग की ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी रानी अमूले आई और उन्होंने गेंदे के बीज के पैकेट दिए। इससे उन्होंने महज आधा एकड़ में फूलों की खेती शुरू कर दी।

पूरी तरह जैविक होती है फूलों की खेती

महेश के अनुसार रासायनिक उर्वरकों से फसल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में चार महीने चलने वाले पौधे सिर्फ दो महीने में नष्ट हो जाते हैं। ऐसे में न उत्पादन होता है और न ही मुनाफा। ऐसे में वह अपने खेत में पूरी तरह से ही जैविक खादों का इस्तेमाल करते हैं।