सेब नहीं अब हिमाचल में भी उगेगा विदेशी फल

    12-Mar-2026
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कुल्लू।हिमाचल प्रदेश के कुल्लू के सेब की बागवानी पर अब क्लाइमेट चेंज की मार पड़ने लगी है। ज्यादा गर्मी पड़ने से कुल्लू के बागवानों को चिंता होने लगी है। इसी के बीच कुल्लू के रहने वाले एक छात्र आयुष ने बागवानी के लिए एक नई राह ढूंढ निकाली है। बीए इकोनॉमिक्स फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहे आयुष अब कुल्लू की वादियों में एवोकाडो क्रांति लाने की तैयारी में जुटे हैं।

विदेशी पौधे देखकर मिली आइडिया

आयुष के अनुसार बदलते मौसम के कारण अब सेब और प्लम की फसल पहले जैसी नहीं रही। ऐसे में उन्हें अपने घर के पास लगे 8 साल पुराने एवोकाडो के पेड़ों से एक उम्मीद जागी। दरअसल, कुल्लू के गांधीनगर इलाके में रहने वाले कुछ विदेशी लोग कई साल पहले कनाडा और न्यूजीलैंड से ये पौधे लाए थे। आयुष ने देखा कि जब विदेशी पौधे यहां फल दे सकते हैं

कूड़े में फेंके जाने वाले बीज से तैयार की नर्सरी

आयुष ने देखा की बाहरी पौधे यहां के मौसम में टिक नहीं पाते थे। उन्होंने इंटरनेट पर रिसर्च कर इसका तरीका अपनाया। उन्होंने लोगों से एवोकाडो के वो बीज इकट्ठा करवाना शुरू किया। आयुष ने अपनी घर की छत पर ही इन बीजों से पौधे तैयार करने शुरू कर दिए ताकि ये पौधे कुल्लू के असली तापमान में मजबूत बन सकें। आज उसके पास 300 पौधों की नर्सरी है।