भागलपुर में अमरूद की इस वैरायटी की हो रही है बागवानी, बागवान हो रहे हैं मालामाल

    13-Mar-2026
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पटना।बिहार के भागलपुर में कृषि क्षेत्र में वर्तमान में किसान परंपरागत खेती को छोड़कर अब फलों की बागवानी करने लगे है। इस क्षेत्र के बागवान आम सहित अन्य फलों की बागवानी करने लगे है। इससे इस क्षेत्र के किसान-बागवानों को बेहतर कमाई हो रही है। भागपुर क्षेत्र में अमरूद की बागवानी बड़े स्तर पर की जाने लगी है। बागवानों में यह एक नया ट्रेड शुरु हो गया है।जिससे लोग न केवल अपनी आय बढ़ा रहे हैं बल्कि आधुनिक कृषि की नई मिसाल भी पेश कर रहे।

यह वैरायटी है बेस्ट

पिछले कई वर्षों से अमरूद की बागवानी कर रहे है अनुभवी किसान गोपाल सिंह बताते है कि इस क्षेत्र में कदम रखने से पहले लंबी अवधि की योजना बनाना आवश्यक है। बागवानी लगाने के बाद जमीन कई वर्षों के लिए व्यस्त हो जाती है। भागलपुर की जलवायु के लिए उत्तराखंड की वीएनआर बीसी अमरूद की वेस्ट वैरायटी है।

दो पौधों के बीच बनाएं

अमरूद की बागवानी करने से पहले आपको इसकी तकनीक की जानकारी होना चाहिए। अक्सर देखा जाता है किसान अधिक फल पाने के लालच में पौधों को बहुत घना लगा देते हैं, जिससे सूरज की रोशनी पर्याप्त नहीं मिल पाती और फल का आकार छोटा रह जाता है। वैज्ञानिक तरीके से एक एकड़ भूमि में लगभग 110 से 120 पौधे ही लगाने चाहिए।

वीएनआर बीसी सबसे बेस्ट किस्म

वीएनआर बीसी अमरूद की एक उन्नत, हाई-यिल्ड हाइब्रिड किस्म है, जो अपने बड़े आकार कुरकुरेपन और मीठे स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। यह 2-3 साल में फल देने लगती है, जिसमें साल में दो बार फसल ली जा सकती है।