हिमाचल प्रदेश में स्कुलों में पढ़ाई जाएगी फलों की बागवानी तकनीक

    13-Mar-2026
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शिमला।हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला राज्य के युवाओं को अपनी मिट्टी और स्थानीय संसाधनों से जुड़े रखने के लिए अब सरकारी स्कुलों में 9वीं से 12वीं तक बागवानी को व्यावसायिक विषय के रूप में शुरू करने की तैयारी कर ली है। प्रस्तावित पाठ्यक्रम को अंतिम मंजूरी को अंतिम राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद को भेजा गया है। योजना है कि इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू किया जाए। दरअसल, बोर्ड को हाल ही में ड्यूल कैटेगरी का स्टेटस मिला है, जिससे उसे राज्य की भौगोलिक और आर्थिक जरूरतों के अनुरूप व्यावसायिक पाठ्यक्रम तैयार करने का अधिकार है।

फलों की बागवानी की गुर सिखेंगे छात्र

हिमाचल प्रदेश में बड़े स्तर पर सेब सहीत अन्य फलों की बागवानी होती है। इसी को देखते हुए सरकार की ओर से इसे लागु करने के लिए विचार किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सेब, कीवी, आड़ू, प्लम और नाशपाती जैसे फलों की खेती अहम भूमिका निभाती है। इसे ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए पाठ्यक्रम में केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया है।