देवरीया।उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के में एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में बृहस्पतिवार को राजकीय पौधाशाला भुजौली परिसर में दो दिवसीय कृषक गोष्ठी व सेमीनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी ने की। पहले दिन जिला उद्यान अधिकारी रामसिंह ने उपस्थित किसानों, अधिकारियों और अतिथियों का स्वागत किया तथा विभागीय योजनाओं और गोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
बागवानी फसलों की जानकारी दी गई
उद्यान विभाग के निरीक्षक पत्रिका सिंह और सहायक उद्यान निरीक्षक रणजीत यादव ने किसानों-बागवानों को आधुनिक औद्यानिक तकनीकों और नई खेती पद्धतियों को अपनाने के लाभ बताए। इस अवसर पर थाई पिंक अमरूद व जैविक खेती के बारे में जानकारी दी गई।
बागवानी फसलों की खेती से बेहतर कमाई
बागवानी फसलें फल, सब्जियां, मसाले, फूल पारंपरिक फसलों की तुलना में 3-5 गुना अधिक मुनाफा दे सकती हैं, क्योंकि इनकी मांग अधिक है और ये प्रति हेक्टेयर 3 लाख तक की आय दे सकती हैं। आम, अमरूद, कटहल, पपीता, केला, हल्दी और विदेशी सब्जियां प्रमुख लाभदायक फसलें हैं। उन्नत किस्म के बीज, सूक्ष्म सिंचाई और मिश्रित खेती (अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर आय प्राप्त कर सकते है।