करनाल के यह किसान नींबू के बाद कर रहा है अमरूद की बागवानी

    13-Mar-2026
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करनाल।आज के बदलते समय में लोग कृषि कार्य को घाटे का सौदा मानकर बड़े-बड़े शहरों में जा रहे है, लेकिन हरियाणा के करनाल के रहने वाले एक प्रगतिशील किसान ने यह साबित कर दिया है कि अगर तकनीक और व्यापारिक सोच हो तो मिट्टी से भी सोना उगाया जा सकता है। आज हम बात कर रहे हैं करनाल जिले के गांव गढ़ी साधन के किसान गुरमीत सिंह की। गुरमीत सिंह ने अपनी मेहनत को हाई-टेक एग्री-बिजनेस में बदल दिया है। जिसका सालाना टर्नओवर आज पौने 2 करोड़ को छू रहा है। गुरमीत सिंह ने ये साबित कर दिया है कि यदि खेती को पारंपरिक तरीके की बजाय एग्री बिजनेस की नज़र से किया जाए, तो मुनाफा कई गुना ज्यादा मिल सकता है।

साढ़े 4 एकड़ में अमरूद की बागवानी की है

गुरमीत सिंह पहले नीबू की बागवानी करते थे, लेकिन नीबू से नुकसान होने के कारण उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद मैंने "ताइवान पिंक" अमरूद का बाग लगाया, जिसमें मैंने एक एकड़ में करीब 70000 रुपए खर्च किए। इसकी नर्सरी भी गुजरात से लेकर आए थे। दो एकड़ में इसकी शुरुआत करने पर पहले ही साल अच्छे परिणाम मिले। मैंने अब साढ़े 4 एकड़ में अमरूद का बाग लगाया हुआ है।

एक एकड़ में 6 लाख की कमाई

गुरमीत सिंह के अनुसार एक एकड़ में अमरूद से लगभग 6 लाख रुपए की आमदनी होती है। यानी कि करीब 25 से 30 लाख रुपए सालाना अमरूद की खेती से कमा रहा हूं। वहीं, बैगिंग यूनिट से साल में डेढ़ करोड़ रुपए का टर्नओवर ले रहा हूं। मेरी बैगिंग यूनिट वाली मशीन 1 घंटे में 10,000 बैग तैयार करती है।