जबलपुर।आज के बदलते समय में युवा नौकरी की तलाश में शहरों का रुख करते हैं,वहीं मध्य प्रदेश के आदीवासी जिलें शहडोल के रहने वाले वनांचल ग्राम टेंघा निवासी युवक पारसमणि सिंह ने पढ़ाई को ताकत बनाकर खेती में इतिहास रच दिया है। जूलॉजी, इंग्लिश और कंप्यूटर साइंस में तीन – तीन मास्टर डिग्री हासिल की है और वर्तमान में एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई भी कर रहे हैं। नौकरी के पीछे भागने की बजाय पारसमणि ने जंगल के बीच हाईटेक हॉर्टिकल्चर फार्मिंग शुरू की जिससे उन्हे आज बेहतर कमाई हो रही है।
सब्जी, फल और फूलों खेती
पारसमणी सिंह ने अपने 15 से 20 एकड़ भूमि में व्यावसायिक सब्जी खेती कर रहे हैं। उनके फार्म में 25 से 30 स्थानीय लोगों को नियमित रोजगार मिला हुआ है। टमाटर, शिमला मिर्च, बैंगन, खीरा, भिंडी, बरबटी, गोभी, लौकी, तरोई, कद्दू के साथ-साथ नींबू और गेंदा फूल की खेती भी की जा रही है। गेंदा फूल से उन्हें दोहरा फायदा मिलता है।
सलाना 15 लाख तक की कमाई
आज उनकी सब्जियां, फल और फूल शहडोल तक सीमित नहीं, बल्कि अनूपपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और रायपुर की मंडियों तक पहुंच रही हैं। सालाना 10 से 15 लाख की शुद्ध कमाई हाईटेक खेती में सालाना 4-5 लाख रुपये की लागत के बाद भी पारसमणि सिंह 10 से 15 लाख रुपये तक की शुद्ध बचत कर लेते हैं।