
जमशेदपुर।झारखंड के जमशेदपुर के पास स्थित घेरुआ गांव के युवा किसान सुमित आज उन लोगों के लिए मिसाल बन गए हैं, जो खाली जमीन को बेकार समझकर छोड़ देते हैं। सुमित ने अपने घर के पीछे पड़ी करीब 10,000 स्क्वायर फीट खाली जमीन को आमदनी का मजबूत जरिया बना दिया है। उन्होंने यहां आधुनिक तकनीक से पॉलीहाउस तैयार किया और पारंपरिक सब्जी या फल की खेती के बजाय जरबेरा फूल उगाने का फैसला किया है।
हमेशा रहती है मांग
आमतौर पर जरबेरा फूल का इस्तेमाल शादियों, जन्मदिन पार्टियों और खास मौकों पर दिए जाने वाले बुके में किया जाता है। रंग-बिरंगे और आकर्षक दिखने वाले ये फूल बाजार में हमेशा मांग में रहते हैं। सुमित बताते हैं कि उन्होंने करीब 30 से 40 हजार रुपये की लागत से पॉलीहाउस का सेटअप तैयार किया है।
पूरे साल बनी रहती है
सुमित के अनुसार जरबेरा की खासियत यह है कि इसकी मांग पूरे साल बनी रहती है। बाजार में यह फूल लगभग 60 रुपये प्रति दर्जन की दर से बिकता है। अच्छी पैदावार होने पर वह हर महीने 40 से 50 हजार रुपये तक की आमदनी कर लेते हैं।
जरबेरा को देखने लोग दुर-दुर से आते है
सुमित बताते हैं कि सुबह जब वह पॉलीहाउस के अंदर जाते हैं और चारों तरफ खिले रंग-बिरंगे जरबेरा फूल देखते हैं, तो दिनभर की थकान दूर हो जाती है। लाल, पीले, गुलाबी और सफेद फूल पूरे माहौल को खुशनुमा बना देते हैं। खेती अब उनके लिए सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि सुकून का माध्यम भी बन गई है।