छिंदवाड़ा।मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के कैलाश पवार ने पॉलीहाउस में की गोल्डन बेरी और रास्पबेरी की खेती मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में छिंदवाड़ा ज़िला नवाचार और आधुनिक खेती के क्षेत्र में एक नई पहचान बना रहा है। जिले के कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन के मार्गदर्शन में जिले के किसान नई तकनीकों को अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहे हैं।
पॉलीहाउस में पहली बार गोल्डन बेरी और रास्पबेरी की खेती
कृषक श्री कैलाश पवार ने एक एकड़ में पॉलीहाउस के माध्यम से गोल्डन बेरी और रास्पबेरी की खेती कर प्रदेश में पहला सफल प्रयोग किया। इन पौधों को उन्होंने पुणे से मंगवाकर छिंदवाड़ा में रोपित किया। जिससे उन्हें वर्तमान में गोल्डन बेरी की नागपुर एवं रायपुर बाजार में कीमत ₹200 प्रति किलो के मान से लगभग ₹3 लाख प्रति एकड़ और रास्पबेरी की ₹2000 प्रति किलो के मान से लगभग ₹5 लाख प्रति एकड़ का अनुमानित लाभ मिलना संभावित है।