नई दिल्ली।किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार औषधीय फसलों, मसाला एवं फूलों की खेती को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत औषधीय फसलों की खेती करने वाले किसानों को सरकार अनुदान प्रदान कर रही है। योजना के अंतर्गत दो हेक्टेयर क्षेत्र में औषधीय फसल उगाने पर किसानों को 60 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी।
इसकी खेती पर अनुदान
औषधीय फसलों की खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली है। इसी को देखते हुए धनिया, सौंफ, जीरा, अजवाइन, लेमन ग्रास, अदरक, हल्दी, सफेद मूसली, सतावर, अश्वगंधा, तुलसी और मुलेठी जैसी औषधीय एवं मसाला फसलों पर विशेष अनुदान दिया जा रहा है।
फूलों की खेती को बढ़ावा
बागवानी विभाग किसानों-बागवानों को औषधीय खेती अपनाने पर सब्सिडी के साथ-साथ प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध करा रहा है। इससे किसानों का जोखिम कम हो रहा है और उत्पादन की गुणवत्ता में भी सुधार हो रहा है। सरकार फूलों और मसालों की खेती को भी बढ़ावा दे रही है।