
Ivy Gourd In Kitchen Garden : कुंदरू एक बारहमासी बेल वाली सब्जी हैं, जो कुछ लोगों को बेहद पसंद होती है तो कुछ को कम। लेकिन अगर आपको ये पसंद है तो आप इसे अपने घर पर भी ऊगा सकते हैं।
यह एक ऐसा पौधा है, जो गर्म जलवायु में पनपता है। इसका वैज्ञानिक नाम कोकिनिया ग्रैंडिस है, यह ककड़ी परिवार का ही एक सदस्य है कुंदरू के अन्य नाम टिंडोरा, टिंडोरी, आइवी लौकी आदि हैं। साथ ही इसका स्वाद खीरे जैसा होता है, लेकिन आकार में खीरे की तुलना में यह बहुत छोटा होता है। वहीं,कुंदरू की बेल 40 फीट से अधिक लम्बाई तक बढ़ती है, इसीलिए इसे बढ़ने के लिए सपोर्ट की जरूरत होती है। चलिए आपको बताते हैं कि घर पर गमले में कुंदरू का पौधा कैसे उगाएं?
* कटिंग- किसी स्वस्थ और मजबूत कुंदरू की बेल से लगभग 6-8 इंच लंबी कटिंग लें,ध्यान रखें कि कटिंग में कुछ गांठें जरूर होनी चाहिए इसके बाद इसके नीचे के हिस्से को तिरछा काटें, जिससे जड़ें जल्दी फूटेंगी और पौधे में सड़न नहीं होगी।
* मिट्टी और खाद - कुंदरू की बेल के लिए भुरभुरी और उपजाऊ मिट्टी सबसे अच्छी होती है.इसके लिए 60 प्रतिशत गार्डन की मिट्टी में 30 प्रतिशत गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट (केंचुआ खाद) और 10 प्रतिशत रेत मिलाएं, इसको करने से पानी रुकेगा नहीं और जड़ों का विकास शानदार होगा।
* कैसे लगाएं कटिंग - कटिंग को तैयार मिट्टी में लगभग 2 से 3 इंच अंदर गाड़ दें, ध्यान रहे कि कम से कम दो गांठें मिट्टी के अंदर हों इसके बाद हल्का पानी दें और नमी बनाए रखें। इसे शुरुआती 10-12 दिनों तक ऐसी जगह रखें जहाँ हल्की धूप आती हो।
* धूप और पानी- कुंदरू को बढ़ने के लिए तेज धूप की आवश्यकता होती है.इसे अपने किचन गार्डन में ऐसी जगह लगाएं जहाँ कम से कम 6-8 घंटे की सीधी धूप मिले। साथ ही गर्मियों में मिट्टी में नमी बनाए रखें,लेकिन पानी को जमा न होने दें।
* मचान या सहारा- कुंदरू की बेल जैसे ही 1-2 फीट की हो जाए, इसे किसी मचान, लकड़ी या जाली का सहारा दें जिससे बेल तेजी से ऊपर फैलेगी और फल भी ज्यादा देगी।
* तुड़ाई- इसकी तुड़ाई की बात करें तो,कटिंग लगाने के लगभग 3 से 5 महीने बाद बेल में फल लगने शुरू हो जाते हैं। साथ ही इस बात का विशेष ध्यान दें कि कुंदरू जब गहरे हरे रंग का और कच्चा हो,तभी इसे तोड़ लें। जब यह ज्यादा पक जाता है तो यह लाल हो जाता है फिर इसका स्वाद भी बदल जाता है।