Mint Plant In Socks : बिना गमले के मोज़े में उगाइये ढेर सारा पुदीना! जानें कैसे

    29-May-2026
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Mint Plant In Socks 
: गर्मियां आते ही पुदीने की डिमांड बढ़ जाती है। आम की चटनी हो या जलजीरा या फिर शरबत, पुदीना के बिना सब अधूरा है। पुदीना हर हफ्ते लोग बाजार से खरीद कर लाते हैं, लेकिन 2-4 में ही सूख जाता है। अब ऐसे में लोग अपने बगीचे में पुदीने का पौधा लगाते हैं, लेकिन अक्सर लोग जगह की कमी या गमले न होने के कारण घर में गार्डनिंग नहीं कर पाते। क्या आप जानते हैं कि आप अपनी रसोई की खिड़की पर भी बिना किसी गमले के पुदीना उगा सकते हैं, वो भी बिना गमले के।

अब आप सोच रहे होंगे कि पानी की मदद से, तो आपकोगलत सोच रहे हैं। आप घर में पड़े पुराने मोजे की मदद से पुदीना उगा सकते हैं।
अगर मोजे की जोड़ी का एक मोजा गायब हो जाए, तो वह फिर किसी काम नहीं आता है और उसे फेकना पड़ता है। लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि बेकार पड़ा मोजा आपके किचन में पुदीना उगाने के काम आ सकता है। आइये बताते हैं इसे ग्रो करने का तरीका-

क्या चाहिए ?

* पुराना सूती मोजा-1
* थोड़ी सी उपजाऊ मिट्टी
* खाद-4-5 चम्मच

कैसे उगाएं?

* मोजे में पुदीना उगाने के लिए सबसे पहले मोज़े को अच्छे से धुलकर सुखा लें।
* इसके बाद मोजे में तैयार की गई उपजाऊ मिट्टी भरें।
* अब मोजे के ऊपर गांठ बांध दें।
* इसके बाद मोजे पर कील की मदद से छोटे-छोटे छेद करें, जहां पर पुदीने की डंठल को लगाना है।
* इसे करने के बाद पुदीने की डंठल को इन होल्स में फंसाते हुए मिट्टी में दबाएं।
* इसी प्रकार सभी डंठल को लगाएं।
* सभी डंठल को लगाने के बाद मोजे पर स्प्रे बोतल की मदद से स्प्रे करें।
* इसे किचन में खिड़की के पास टांगें।
* समय-समय पर पानी का छिड़काव करें।
* ऐसा करने से कुछ ही दिन के भीतर डंठल में नई-नई पत्तियां निकल आएंगी।

पुदीना को घना के कुछ टिप्स

*पुदीने की टहनियों के ऊपरी हिस्से को अंगुलियों से तोड़ते रहें। इससे पौधा लंबाई में बढ़ने के बजाय बगल से नई शाखाएं निकालेगा और घना होगा।
* पुदीने को दिन में 3-4 घंटे की सुबह की धूप चाहिए होती है। इसे आधी धूप-आधी छाया में रखें।
* पत्तियों को हरा और बड़ा बनाने के लिए महीने में एक बार गोबर की पुरानी खाद या वर्मी कंपोस्ट का इस्तेमाल जरूर करें।
* पुदीना की मिट्टी कभी भी पूरी तरह सूखनी नहीं चाहिए। मिट्टी की ऊपरी सतह सूखते ही पानी दें, लेकिन ध्यान रहे कि पानी गमले में जमा न हो।
* इस्तेमाल की हुई चाय पत्ती को धोकर सुखा लें और इसे पुदीने की मिट्टी में डालें।