
Miyazaki Mango Farming In India : दुनिया का सबसे महंगा और लक्ज़री फलों में गिना जाने वाला आम मियाजाकी अब सिर्फ जापान तक सीमित नहीं रहा। बस थोड़ी सी सही प्लानिंग और आधुनिक तकनीक अपनाकर आप इसे अपने फार्म हाउस में भी आसानी से उगा सकते हैं।
जापान के मियाजाकी शहर में पैदा होनेवाली इस वैराइटी के इस आम को एग ऑफ द सन यानी सूर्य का अंडा भी कहा जाता है। इसका कारण यह है कि पकने के बाद इसका रंग गहरा लाल और पर्पल हो जाता है।
इंटरनेशनल मार्केट में इस प्रीमियम आम की कीमत करीब 2.5 लाख से 3 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुँच जाती है। भारत के गर्म मौसम में भी यह वैरायटी बहुत बेहतरीन तरीके से फल दे सकती है। अगर आप भी अपने फार्म हाउस से एक बढ़िया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं। तो मियाजाकी आम की बागवानी आपके लिए बढ़िया विकल्प साबित हो सकती है।
मियाजाकी आम की खेती शुरू करने के लिए सबसे पहले किसी सरकारी मान्यता प्राप्त नर्सरी से ग्राफ्टेड यानी कलमी पौधा खरीदें। इस पौधे को लगाने के लिए आपके फार्म हाउस में ऐसी जगह होनी चाहिए जहां दिनभर में कम से कम 7 से 8 घंटे की अच्छी और सीधी धूप आती हो।
मिट्टी इसके लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे बेस्ट मानी जाती है। जिसका पीएच लेवल 6.5 से 7.5 के बीच हो. पौधा लगाने से पहले करीब 3 फीट गहरा और चौड़ा गड्ढा खोद लें, फिर उसमें अच्छी क्वालिटी की गोबर की खाद, कोकोपीट और थोड़ी सी नीम खली मिलाकर भर दें। बरसात की शुरुआत या मानसून का मौसम इस पौधे को ट्रांसप्लांट करने के लिए सबसे परफेक्ट टाइम होता है।
ऐसे करें देखभाल इस महंगे आम से बंपर कमाई करने के लिए सिर्फ पौधा लगाना काफी नहीं है। बल्कि इसकी जापानी स्टाइल में स्पेशल केयर करना बहुत जरूरी है, जब पौधे पर फूल और छोटे फल आने लगें, तो हर एक आम को एक खास पारदर्शी नेट या जालीदार बैग से ढक दिया जाता है जिससे उस पर सीधी धूप बराबर पड़े और उसका रंग एकदम सुर्ख लाल चमकीला हो जाए।
मियाजाकी आम को कभी भी पेड़ से जबरदस्ती नहीं तोड़ा जाता बल्कि जब यह पूरी तरह पककर खुद ब खुद जाली में गिर जाता है तभी इसे हार्वेस्ट माना जाता है। पौधे में हर हफ्ते हल्का पानी दें और जलभराव बिल्कुल न होने दें।
इतने समय में होगा बम्पर मुनाफा
मियाजाकी आम का पौधा करीब तीन से चार साल में अच्छी पैदावार देना शुरू कर देता है। एक बार फसल तैयार हो जाने के बाद इसकी एक फसल ही किसानों को लाखों रुपये की कमाई करा सकती है।