
Brinjal Farming : देश में कई हिस्सों में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है और ऐसी गर्मी जिसमे इंसान तो परेशान है ही, साथ साथ फसलों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। बैंगन की खेती करने वाले किसानों के लिए पौधों का अचानक सूखना एक चुनौती बन गया है। लेकिन घबराइए मत क्योंकि आपके लिए कुछ आसान उपाय हम लेकर आये हैं।
तेज धूप और लगातार बढ़ते तापमान के कारण पौधों पर तनाव बढ़ जाता है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने का खतरा रहता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी में बैगन की फसल को बचने के लिए खेतों में नमी बनाये रखना बेहद ज़रूरी है। अगर खेत में पर्याप्त सिंचाई की जाये और समय पर पानी दिया जाये तो पौधों को गर्मी के प्रकोप से राहत मिल सकती है। इस समस्या का परमानेंट इलाज करने के लिए किसान ने पारंपरिक खादों की जगह आधुनिक नैनो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है। जान लें पूरा तरीका।
बैंगन के पौधों को भीषण गर्मी में सूखने से बचाने और उन्हें तुरंत ताकत देने के लिए किसान नैनो यूरिया और लिक्विड डीएपी का एक शानदार कॉम्बिनेशन तैयार कर सकते हैं। जब पौधे कमजोर होने लगें तो भारी मात्रा में सूखी खाद डालने के बजाय प्रति लीटर पानी में सिर्फ 2 से 4 मिलीलीटर नैनो यूरिया और उतनी ही मात्रा में लिक्विड डीएपी मिलाकर पौधों की जड़ों और पत्तियों पर अच्छी तरह स्प्रे करना चाहिए।
यह लिक्विड फॉर्मूला पौधों की नसों में बहुत तेजी से सोख लिया जाता है जिससे उन्हें तुरंत नाइट्रोजन और फास्फोरस जैसे जरूरी न्यूट्रिएंट्स मिल जाते हैं। यह आसान स्प्रे जड़ों को अंदर से मजबूत बनाता है और फंगस या बीमारियों के चलते सूख रहे पौधों को मात्र कुछ ही दिनों में दोबारा रिकवर करके बिल्कुल स्वस्थ बना देता है।
इस नुस्खे को अपनाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे किसानों की लागत आधी हो जाती है और मुनाफा बढ़ जाता है. जहां पहले बोरियों में भरकर महंगी खाद लानी पड़ती थी, वहीं अब नैनो यूरिया की एक छोटी सी बोतल ही पूरे खेत के लिए काफी होती है।
अगर आप भी अपने खेत में बैंगन की फसल को सूखने से बचाकर मार्केट से शानदार प्रॉफिट कमाना चाहते हैं, तो आज ही इस लिक्विड स्प्रे वाले स्मार्ट नुस्खे को आजमाएं।