Weather Alert In Farming : देश के कई हिस्सों में लगातार आंधी और बारिश का दौर ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। खासकर बागवानी फसलों पर इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है। तेज हवाओं और बारिश के कारण आम, लीची, केला, पपीता और बेल वाली सब्जियों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।
तेज हवाओं के कारण पेड़ों से फल समय से पहले गिर रहे हैं, जबकि बारिश से फलों की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। इससे किसानों को उत्पादन और बाजार दोनों स्तरों पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बिहार स्थित राजेंद्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एसके सिंह ने किसान इंडिया को बताया कि उत्तर प्रदेश समेत कई हिस्सों में दो दिनों से रात में तेज आंधी और बारिश से बागवानी फसलों के उत्पादन पर खतरा मंडराने लगा है। सबसे ज्यादा नुकसान आम और लीची की फसल को हो रहा है। फलों के फटने और टूटकर गिरने से उत्पादन तो घट ही रहा है, किसानों का नुकसान हो रहा है। जबकि, केला और पपीता के साथ ही बेल वाली सब्जी फसलों पर आंधी बारिश का बुरा असर देखने को मिल रहा है।
फफूंदजनित रोगों का बढ़ा खतरा
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि फलों के झड़ने और पौधों में नमी बढ़ने से कई तरह के फफूंदजनित रोग उत्पन्न हो सकते हैं। आम और लीची जैसी फसलों में फल सड़ने की समस्या बढ़ सकती है। कृषि वैज्ञानिकों ने चिंता जताई है कि यदि मौसम का यह अस्थिर दौर लंबे समय तक जारी रहता है, तो बागवानी फसलों की पैदावार में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है।
गिरे फलों को बाग से तुरंत हटाएं
उत्पादन घटने की आशंका के बीच किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। आम और लीची किसानों का कहना है कि उन्होंने फसल तैयार करने में भारी निवेश किया है, लेकिन मौसम की मार से उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।
कृषि विशेषज्ञ किसानों को बागों और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने, गिरे हुए फलों को तुरंत हटाने और रोग नियंत्रण के लिए समय पर आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दे रहे हैं, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।